दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित सेवा सेतु कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की। इस किस्त के तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि भेजी गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए करीब 218 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर अलग-अलग सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

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67 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिला लाभ
महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकार के मुताबिक, 32वीं किस्त जारी होने के बाद महतारी वंदन योजना के तहत अब तक हितग्राहियों को कुल 20,708.11 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

दुर्ग को मिली 218 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
सेवा सेतु कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले में करीब 218 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

इनमें दुर्ग मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल का भूमिपूजन, जामगांव और पाटन अति उच्चदाब ट्रांसमिशन लाइन सहित कई अन्य विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से जिले में शिक्षा, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

रिसाली में मिशन क्लीन सिटी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने रिसाली क्षेत्र में मिशन क्लीन सिटी लागू करने की घोषणा की। इसके अलावा ग्राम उमरपोटी में 33/11 केवी सब-स्टेशन और धनोरा में नया विद्युत वितरण केंद्र शुरू करने की घोषणा भी की गई।

सरकार का कहना है कि इन विद्युत परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में काम कर रही है। मंत्रालय में फाइलों के संचालन के लिए ई-ऑफिस और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से 36 सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं नागरिकों की शिकायतों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की व्यवस्था भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, 8 हजार से अधिक अधिकारी हेल्पलाइन व्यवस्था से जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।

पंचायत स्तर पर बनेंगे अटल डिजिटल सेवा केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर अटल डिजिटल सेवा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दूर के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में लिए गए विभिन्न बड़े फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक की समाप्ति और राम मंदिर निर्माण सहित कई मुद्दों का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है और भारत की वैश्विक स्तर पर स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने के साथ सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है।

महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास पर सरकार का फोकस
दुर्ग के सेवा सेतु कार्यक्रम में एक तरफ जहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के रूप में हजारों करोड़ रुपये की संचयी सहायता का जिक्र हुआ, वहीं जिले के लिए विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी गई।

सरकार का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं, बिजली, शिक्षा, स्वच्छता और ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने पर भी लगातार काम किया जा रहा है। अब इन घोषणाओं और परियोजनाओं को जमीन पर लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
Published By- | 08-Oct-2026 04:29:00 pm