कुरुद, धमतरी। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होकर क्षेत्रीय दल जैसी स्थिति में पहुंच गई है। चंद्राकर ने पार्टी की कार्यशैली, परिवारवाद और वरिष्ठ नेताओं के स्वागत को लेकर भी सवाल उठाए। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस प्रदर्शन पर उठाए सवाल
अजय चंद्राकर ने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हुआ है। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में पार्टी के रुख से राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है।
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भाजपा विधायक ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय ऐसे बयानों और गतिविधियों में उलझी हुई है, जिनसे राजनीतिक विवाद बढ़ता है। ये टिप्पणियां चंद्राकर के राजनीतिक आरोप हैं; इस संबंध में कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।

भिलाई में नकदी बरामदगी मामले पर दीपक बैज को घेरा
भिलाई में चार करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की टिप्पणियों पर भी चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बैज के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बरामद रकम नागपुर, दिल्ली या मुंबई ले जाए जाने के दावे के समर्थन में क्या प्रमाण हैं।

चंद्राकर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की बयानबाजी को आधारहीन बताया। हालांकि, नकदी बरामदगी के मामले में रकम के स्रोत, उसके गंतव्य और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा विधायक ने कांग्रेस की संगठनात्मक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में एक परिवार को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान देने के बजाय शीर्ष नेतृत्व के इर्द-गिर्द केंद्रित दिखाई देती है।

चंद्राकर ने भाजपा को कैडर आधारित पार्टी बताते हुए दावा किया कि वहां सामान्य कार्यकर्ता को भी संगठन में सम्मान और अवसर मिलता है। उन्होंने कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कार्यशैली पर पुनर्विचार करने की नसीहत दी।

स्मृति ईरानी के स्वागत और गुलाब के फूलों पर भी तंज
चंद्राकर ने स्मृति ईरानी के स्वागत को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के आगमन और गांधी परिवार के दौरों के दौरान होने वाले स्वागत की तुलना की।

भाजपा विधायक का आरोप था कि गांधी परिवार के नेताओं के दौरे पर सड़कों पर गुलाब के फूल बिछाने जैसी व्यवस्थाएं की जाती हैं, जबकि दूसरे नेताओं को वैसा सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने इसे चाटुकारिता की राजनीति से जोड़ते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
यह टिप्पणी चंद्राकर की राजनीतिक आलोचना है। स्वागत कार्यक्रमों की वास्तविक व्यवस्था और उन पर हुए खर्च से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

खड़गे से जुड़े बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि अशोभनीय भाषा की देशभर में आलोचना हुई है। उन्होंने इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाने की बात भी कही।

हालांकि, उनके इस बयान के संदर्भ और संबंधित पोस्ट की पूरी जानकारी के बिना विवाद की पृष्ठभूमि पर अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज
अजय चंद्राकर के इन बयानों में कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति, संगठनात्मक व्यवस्था और प्रदेश नेतृत्व को निशाना बनाया गया है। दूसरी ओर, नकदी बरामदगी जैसे मामलों में लगाए गए आरोपों का आकलन जांच के आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष: धमतरी जिले में अजय चंद्राकर के बयान ने छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को फिर हवा दी है। परिवारवाद, संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दोनों दलों के बीच आगे भी बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी और अजय चंद्राकर के कथित बयानों के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशन से पहले उनके बयान, दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन और भिलाई में नकदी बरामदगी मामले से संबंधित तथ्यों की पुष्टि संबंधित स्रोतों से कर लें।
Published By- | 28-Oct-2026 12:31:00 pm