अग्निवीरों को मिलेगा दो साल अतिरिक्त सेवा का विकल्प
नई व्यवस्था के तहत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद दो साल और सेवा जारी रखने का विकल्प दिया जा सकता है। हालांकि, यह विस्तार अनिवार्य नहीं होगा। अग्निवीर अपनी इच्छा और सहमति के आधार पर अतिरिक्त सेवा का विकल्प चुन सकेंगे।
सरकार की इस पहल को अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे प्रशिक्षित युवाओं को सशस्त्र बलों में अधिक समय तक काम करने का अवसर मिल सकता है।
पहले बैच के 18,300 से ज्यादा अग्निवीरों पर पड़ेगा असर
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, 18,300 से अधिक अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 तक अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर सकते हैं।
पहले बैच में थल सेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर करीब 24,400 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। ऐसे में प्रस्तावित सेवा विस्तार को पहले बैच के अग्निवीरों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का मौका
अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। चयनित अग्निवीरों को आगे 15 साल तक सेवा करने का अवसर मिलता है।
वहीं, बाकी अग्निवीरों को निर्धारित चार साल की सेवा पूरी होने के बाद कार्यमुक्त किया जाता है। अब दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार के प्रस्ताव से अग्निवीरों के सामने सेवा जारी रखने का एक और विकल्प खुल सकता है।
क्या है केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य सेना में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और सशस्त्र बलों को अधिक युवा बनाना है।
इस योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें अलग-अलग सैन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। चार साल पूरे होने पर निर्धारित चयन प्रक्रिया के जरिए अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाता है।
अग्निवीरों के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं तीनों सेनाएं
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, थल सेना, वायुसेना और नौसेना में अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर संतुष्टि जताई गई है। विशेष रूप से तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित अग्निवीरों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखने की जरूरत महसूस की जा रही है।
हालांकि, अतिरिक्त दो साल की सेवा के लिए पात्रता, चयन प्रक्रिया और लागू होने की विस्तृत शर्तों को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार रहेगा।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित बदलाव अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल और भविष्य के विकल्पों को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजरें सरकार की विस्तृत आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।