आत्महत्या के बाद किया गया था महिला का अंतिम संस्कार
मामला बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, कोनी निवासी अनिता यादव ने 1 नवंबर को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिजनों ने उसी दिन शाम को श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार के लोग घर लौट गए थे।
रात में श्मशान पहुंचे परिजनों को दिखे संदिग्ध लोग
बताया जा रहा है कि रात में जब परिजन दोबारा श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां शिवराम बाबा के साथ एक बुजुर्ग और दो युवक मौजूद थे। परिजनों को देखते ही दोनों युवक वहां से भाग निकले, जबकि बाबा और बुजुर्ग को लोगों ने पकड़ लिया।
परिजनों का आरोप है कि कथित बाबा महिला की चिता के पास तांत्रिक क्रियाएं कर रहा था। मौके की स्थिति देखकर परिवार के लोगों को शक हुआ कि चिता के साथ छेड़छाड़ की गई है।
चिता से सिर और हड्डियां गायब होने का दावा
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के बाद चिता से महिला का सिर और कुछ हड्डियां गायब थीं। इस बात को लेकर मौके पर जमकर हंगामा हुआ। वायरल वीडियो में लोग बुजुर्ग से गायब अस्थियों के बारे में सवाल करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग ने पूछताछ में बाबा द्वारा हड्डियां निकालने की बात कही, लेकिन उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी।
शराब लेकर श्मशान पहुंचा था बुजुर्ग
पूछताछ के दौरान बुजुर्ग ने कथित तौर पर बताया कि बाबा ने उससे चावल और शराब लाने के लिए कहा था। वह शराब लेकर श्मशान पहुंचा था। उसके मुताबिक, बाबा मंत्र पढ़ते हुए चिता पर शराब की बूंदें डाल रहा था। हालांकि, चिता से अस्थियां निकालने और उन्हें अपने साथ ले जाने के आरोपों की वास्तविकता अभी जांच का विषय है।
गुस्साए परिजनों ने कथित बाबा को पीटा
घटना के बाद मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि महिला के पति गुड्डा उर्फ राजकुमार यादव समेत कुछ लोगों ने शिवराम बाबा के साथ मारपीट की।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग बाबा को पकड़कर खींचते और उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हमले में बाबा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके मुंह से खून निकलता भी वीडियो में नजर आ रहा है।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, सभी पहलुओं की जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही कोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल शिवराम बाबा को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
फिलहाल पुलिस चिता से छेड़छाड़, अस्थियां गायब होने, कथित तांत्रिक गतिविधियों और बाबा के साथ हुई मारपीट समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।