बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामूहिक हत्याकांड का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 45 वर्षीय कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के छह अन्य सदस्यों समेत कुल सात लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है। शुरुआती पुलिस जांच में इस खौफनाक वारदात के पीछे पारिवारिक कलह और आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है।

आरोपी की पहचान शेखर उर्फ इंदुशेखर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान सात लोगों की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस उसके दावों की पुष्टि करने के लिए साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ है, जबकि अन्य छह लोगों की तलाश जारी है।

Join Our Whatsapp Group
दो दिनों तक घर में चलता रहा मौत का खेल, अलग-अलग समय पर बुलाए परिजन

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, कथित हत्याकांड को दो दिनों के भीतर अंजाम दिया गया। वारदात का केंद्र राजाजीनगर स्थित आरोपी का घर बताया जा रहा है।

आरोप है कि शेखर ने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग समय पर घर बुलाया। इसके बाद सिलबट्टे के भारी पत्थर से उनके सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शवों को अपनी कार में रखकर अलग-अलग स्थानों पर फेंकने का भी आरोप है।

नॉर्थ बेंगलुरु के डीसीपी के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लिया गया है और उसने सात हत्याओं की बात कही है। पुलिस अब उसके बयान और घटनास्थल से जुड़े सबूतों का मिलान कर रही है।

पत्नी, सास, दो साले और परिवार की बहुएं थीं निशाने पर

इस मामले में जिन सात लोगों की हत्या किए जाने का आरोप है, उनमें आरोपी की पत्नी और उसके मायके के सदस्य शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:

सुनीता – आरोपी की पत्नी
रूपावती – आरोपी की सास
शिवकुमार – साला
शंकर – साला
दिव्या – परिवार की बहू
नलिनी – परिवार की बहू
पुनीत – सात वर्षीय बच्चा

पुलिस के अनुसार, इन सभी को अलग-अलग समय पर निशाना बनाया गया। फिलहाल बरामद बच्चे के शव की पहचान और बाकी लोगों के संबंध में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

20 साल पुरानी शादी में बढ़ा था विवाद, ससुराल वालों से थी नाराजगी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शेखर और सुनीता की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। बीते कुछ समय से दोनों के वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा था।

बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर सुनीता के मायके वाले अक्सर बीच-बचाव करते थे। वे सुनीता का पक्ष लेते थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपी इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष से नाराज था।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसी पारिवारिक विवाद ने इतनी बड़ी वारदात का रूप लिया। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुई है।

पार्टी का न्योता देकर दोनों सालों को बुलाया, फिर किया हमला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने अपने दोनों सालों शिवकुमार और शंकर को पार्टी के बहाने घर आने के लिए कहा था। आरोप है कि दोनों के पहुंचने के बाद उसने उन पर सिलबट्टे के पत्थर से हमला कर दिया।

इसके बाद परिवार की अन्य महिलाओं और अपनी पत्नी को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने पहले अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की थी। इसके बाद उसने परिवार के अन्य सदस्यों की जान ली।

हालांकि, किसकी हत्या कब और किस क्रम में की गई, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

महिला की गुमशुदगी की शिकायत से सामने आया मामला

इस सनसनीखेज घटना का खुलासा परिवार की एक महिला नलिनी के लापता होने की शिकायत के बाद हुआ।

बताया गया है कि नलिनी का लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी शेखर से पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान उसके बयानों में अंतर मिलने पर पुलिस का संदेह बढ़ गया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर विस्तार से पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित तौर पर सात लोगों की हत्या का खुलासा हुआ।

नंदी हिल्स के पास मिला 7 साल के बच्चे का शव, छह लोगों की तलाश

आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चिक्कबल्लापुर जिले के नंदी हिल्स इलाके में तलाशी अभियान चलाया। करीब चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद किया गया।

इस बरामदगी के बाद पुलिस ने बाकी छह कथित पीड़ितों की तलाश तेज कर दी है। जांच टीमें उन स्थानों की भी पड़ताल कर रही हैं, जहां आरोपी ने शव फेंकने की बात कही है।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है। जांच एजेंसियां हत्या की वजह, घटनाओं के क्रम और शवों को अलग-अलग जगहों पर ले जाने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयानों को अंतिम सच नहीं माना जा सकता। सभी दावों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर की जाएगी।

एक ही परिवार के सात लोगों से जुड़ा यह मामला पूरे बेंगलुरु में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही इस सामूहिक हत्याकांड की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
Published By- | 06-Nov-2026 11:01:00 am