पुलिस के मुताबिक, कई स्थानों पर कपास और तुअर की फसलों के बीच गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। वहीं कुछ खेत पहाड़ी, जंगल और नदी के आसपास स्थित थे, जहां पहुंचना भी पुलिस टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद अलग-अलग टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर अवैध खेती पर कार्रवाई की।
चार जिलों में मिला 11,669 किलो गांजा, धार में सबसे बड़ी कार्रवाई
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चार जिलों में की गई कार्रवाई में सबसे ज्यादा गांजे के पौधे धार जिले में मिले हैं। जिलेवार जब्ती और चिह्नित पौधों का विवरण इस प्रकार है:
जिला पौधों का कुल वजन
धार 8,577.01 किलोग्राम
खरगोन 2,367.85 किलोग्राम
बड़वानी 428.840 किलोग्राम
खंडवा 295.700 किलोग्राम
कुल 11,669 किलोग्राम
इन पौधों की बाजार कीमत 30.10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
धार में ऑपरेशन प्रहार से खुली अवैध खेती की पोल
धार जिले में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में ऑपरेशन 'प्रहार' चलाया गया। इस दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी और सर्चिंग की गई। पुलिस ने कुल 8,577.01 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त और चिह्नित किए, जिनकी अनुमानित कीमत 27 करोड़ 47 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
मनावर थाना क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी के दौरान करीब 6,700 किलोग्राम गांजे की अवैध खेती का पता चला। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा बाग, धरमपुरी, गंधवानी, मांडव, बदनावर, डही और कुक्षी थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। कई जगहों पर कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में पौधे बरामद कर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की।
खरगोन में पांच थाना क्षेत्रों में छापेमारी, 2,367 किलो पौधे बरामद
खरगोन जिले में पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में अवैध गांजा खेती के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। पांच थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल 2,367.85 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 91 लाख रुपये बताई गई है।
चैनपुर थाना क्षेत्र की चौकी हेलापड़ावा के अंतर्गत हरणकुण्डिया और हरणमाल गांव में ड्रोन की सहायता से खेतों की निगरानी की गई। यहां 459.60 किलोग्राम गांजे के पौधे मिले। इसके अलावा महेश्वर, गोगावां, बलकवाड़ा और बिस्टान थाना क्षेत्रों में भी पुलिस ने कार्रवाई की।
बिस्टान क्षेत्र से सबसे अधिक 1,269 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए।
बड़वानी में ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक, 1,753 पौधे जब्त
बड़वानी पुलिस ने अवैध खेती के खिलाफ ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' के तहत कार्रवाई की। वरला थाना क्षेत्र के ग्राम बोरपड़ावा में पुलिस ने 1,716 गांजे के पौधे बरामद किए, जिनका वजन 419 किलोग्राम था।
वहीं सिलावद थाना क्षेत्र के ग्राम काजलमाता से 37 पौधे मिले। इनका वजन 9.840 किलोग्राम बताया गया है।
दोनों स्थानों से कुल 1,753 पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 41 लाख 98 हजार रुपये आंकी गई है।
खंडवा में दो जगह दबिश, दो आरोपी गिरफ्तार
खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यहां अवैध रूप से गांजे की खेती किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने कुल 221 पौधे जब्त किए, जिनका वजन 295.700 किलोग्राम बताया गया है।
जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 29 लाख 57 हजार रुपये है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
5 नवंबर को धार में फिर मिली बड़ी सफलता
चार जिलों में अभियान के बाद धार पुलिस ने 5 नवंबर को भी ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत दो स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान गांजे के 1,284 हरे पौधे जब्त किए गए। इनका कुल वजन 969.335 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 57 लाख रुपये बताई गई है।
टांडा थाना क्षेत्र के ग्राम जाली में कपास के खेत से 1,134 पौधे बरामद किए गए। वहीं मनावर थाना क्षेत्र की उमरबन चौकी के अंतर्गत ग्राम करौंदिया खुर्द में कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के 150 पौधे मिले। दोनों मामलों में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ड्रोन और मुखबिर तंत्र से अवैध कारोबार पर नजर
पुलिस की इस कार्रवाई में आधुनिक तकनीक की भी अहम भूमिका रही। दुर्गम इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई, जबकि मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का मकसद सिर्फ गांजे के पौधे जब्त करना नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी है। अवैध खेती करने वालों के साथ-साथ उत्पादन, भंडारण, परिवहन और सप्लाई में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके लिए ड्रोन तकनीक, पुलिस टीमों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद ली जाएगी।
चार जिलों में हुई इस कार्रवाई को अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब पुलिस की नजर इस खेती से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क पर है।
नोट: जब्ती और कीमत से संबंधित आंकड़े पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।