पांडुका। गरियाबंद जिले में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन परिक्षेत्र पांडुका के ग्राम तौरेंगा में गुरुवार सुबह एक तेंदुआ घर के दरवाजे के पास बंधे बकरे को उठाकर ले गया। हैरानी की बात यह रही कि बकरा देव पूजा के लिए रखा गया था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के दो भाइयों ने तेंदुए का पीछा किया और झाड़ियों तक पहुंचकर बकरे के कुछ हिस्से छुड़ाने में कामयाब रहे। अब पीड़ित परिवार ने दूसरे बकरे की व्यवस्था के लिए वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।

दरवाजे के छेद से बकरे को खींचकर ले गया तेंदुआ

Join Our Whatsapp Group
जानकारी के मुताबिक, ग्राम तौरेंगा के वार्ड क्रमांक 6 में रहने वाले भीखम ध्रुव और चुम्मन ध्रुव के परिवार ने देव पूजा के लिए घर में एक बकरा बांधकर रखा था। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे तेंदुआ घर के मुख्य दरवाजे में बने छेद से बकरे को खींचकर बाहर ले गया और पास की झाड़ियों की ओर चला गया।

सुबह जब परिवार के सदस्य सोकर उठे तो खूंटी पर बकरा नहीं मिला। घर के दरवाजे के आसपास खून के निशान और घसीटे जाने के चिह्न देखकर उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ।

तेंदुए के पीछे दौड़े दोनों भाई, झाड़ियों में मिला बकरा

बकरे के गायब होने का पता चलते ही दोनों भाइयों ने आसपास तलाश शुरू कर दी। घर से करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में तेंदुआ बकरे को खाता हुआ दिखाई दिया।

दोनों भाइयों ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए का पीछा किया और बकरे के कुछ अवशेष वापस लाने में सफल रहे। हालांकि, तब तक तेंदुआ बकरे को काफी नुकसान पहुंचा चुका था।

देव पूजा के लिए दूसरा बकरा खरीदने मांगा मुआवजा

इस घटना से ध्रुव परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। बकरा देव पूजा के लिए रखा गया था। अब परिवार को धार्मिक अनुष्ठान के लिए दूसरे बकरे की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

पीड़ित परिवार ने वन विभाग से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है, ताकि वे दूसरा बकरा खरीद सकें।

जंगल से सटा गांव, जंगली जानवरों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान

तौरेंगा गांव जंगल के नजदीक बसा हुआ है। ऐसे में आसपास के इलाकों में तेंदुए समेत अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। इस घटना के बाद मोहल्ले के लोगों और ग्रामीणों में डर बढ़ गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों और बाड़ियों के आसपास झाड़ियां और खरपतवार काफी बढ़ गए हैं। नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण ये स्थान जंगली जानवरों के छिपने के लिए अनुकूल बन रहे हैं।

ग्रामीणों ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की उठाई मांग

लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही से ग्रामीणों को अपने घरों और मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। लोगों का मानना है कि जंगल से लगे रिहायशी इलाकों में वन विभाग को निगरानी बढ़ानी चाहिए।

ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में नियमित गश्त, झाड़ियों की सफाई और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा मिलने की उम्मीद है, ताकि देव पूजा की परंपरा पूरी करने के लिए दूसरा बकरा खरीदा जा सके।
Published By- | 06-Nov-2026 03:58:00 pm