लंबे समय से उठ रही थी कैशलेस इलाज की मांग
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लंबे समय से प्रमुख मांग रही है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने की परेशानी से राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद की मंजूरी को कर्मचारी हित में सकारात्मक पहल बताते हुए उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
गंभीर बीमारी और इमरजेंसी में परिवारों को मिलेगी राहत
कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से गंभीर बीमारियों और अचानक चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब इलाज के लिए बड़ी रकम का तत्काल इंतजाम करने और बाद में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी कम हो सकेगी। इससे प्रदेश के लाखों शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।
मुख्यमंत्री को अभिनंदन समारोह का दिया न्योता
मुलाकात के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संगठन की ओर से आयोजित किए जाने वाले अभिनंदन समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को मंजूरी मिलने से प्रदेश के शासकीय सेवकों में खुशी का माहौल है।
प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पंकज पाण्डेय, सत्येंद्र देवांगन, अश्वनी चेलक, जय कुमार साहू, पीताम्बर पटेल, आलोक मिश्रा और संतोष कुमार वर्मा सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उम्मीद व्यक्त की कि इस निर्णय से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।