- जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस को घेरा, कहा- ‘परीक्षाओं में पहले भी लीक होते रहे पेपर’
नई दिल्ली। सोमवार को लोकसभा में पीएमओ में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल पेश किया था. हालांकि, इस बिल पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी थी. विपक्षी सदस्य चर्चा शुरू करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़े हुए थे. विपक्ष दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई पर गृहमंत्री के वक्तव्य की लगातार मांग उठा रहा था. बार बार स्थगन के बाद स्पीकर ओम बिरला के हटक्षेप के बाद एनडीए सरकार और विपक्ष के बीच लंबी बातचीत के बाद गतिरोध खत्म किया. आज एक बार फिर एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा हो रही है. अभी पीएमओ में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह बोल रहे हैं.
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में, अलग-अलग परीक्षाओं में पेपर लीक होते रहे. पेपर लीक किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहा, लेकिन शायद उस तरह की कार्यवाही नहीं की गई जैसी अब की जा रही है. उन्होंने 2009 में रेलवे भर्ती पेपर लीक से 2012 के एम्स एंट्रेस पेपर लीक तक, कांग्रेस काल में हुए पेपर लीक गिनाए और कहा कि इसीलिए सोचा गया कि अब इसे लेकर एक फुलप्रूफ सिस्टम बनाया जाए. भारत में चार प्रमुख परीक्षा एजेंसियां हैं. 1992 में जब सरकार कांग्रेस की थी, एक कमेटी ने सुझाव दिया था केंद्रीय परीक्षा कमेटी के गठन का.
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2010 में भी एक कमेटी ने ऐसा ही सुझाव दिया था. पहली बार 2024 में यह बिल लाया गया. जून 2024 में लागू किया गया. इस विधेयक के जो मूल उद्देश्य थे, वह परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना था. जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें 2024 के बिल को और मजबूत करने की जरूरत है. हम इसी कानून में संशोधन के लिए बिल लाए हैं.
‘आज का दिन महत्वपूर्ण…’, एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की शुरुआत से पहले बोले स्पीकर
स्पीकर ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए महत्वपूर्ण है, जब सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इस बिल पर चर्चा के लिए सहमत हुए. इस बिल का उद्देश्य लोक परीक्षाओं को और अधिक शुचितापूर्ण बनाना है. परीक्षा प्रणाली की विशिष्टता और पारदर्शिता राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण विषय है. पूरा देश चाहता है कि सभी सदस्य सार्थक विचार साझा करें और रचनात्मक विचार रखें, जिससे हम एक बेहतर कानून बना सकें. कानून जितना बेहतर होगा, हम परीक्षा प्रणाली को उतना ही शुचितापूर्ण बना सकते हैं.
एंटी पेपर लीक बिल पर 10 घंटे चर्चा होगी
लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का समय तय किया गया था. विपक्ष ने समय दो घंटे बढ़ाने की मांग की. इस पर सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम 10 घंटे भी चर्चा के लिए तैयार हैं. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने हाउस का सेंस लिया और फिर यह ऐलान कर दिया कि एंटी पेपर लीक बिल पर 10 घंटे चर्चा होगी.