बताया जा रहा है कि सभी नेताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत को भेजे गए इस्तीफा पत्र में शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोत पर परिवारवाद, गुटबाजी और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि संगठन में फैसले कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव में लिए जा रहे हैं, जिससे लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आने पर भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा था कि उन्हें किसी भी प्रकार का इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं इस्तीफा देने वाले नेताओं का दावा है कि यह छत्तीसगढ़ में भाजपा के इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक इस्तीफा है। उनका कहना है कि जब इस घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश और देशभर में पहुंच चुकी है, तो जिला अध्यक्ष को इसकी जानकारी नहीं होना सवाल खड़े करता है।
इधर, डोंगरगढ़ में भाजपा से इस्तीफों का सिलसिला लगातार जारी है। 111 कार्यकर्ताओं और 26 पदाधिकारियों के अलावा पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता अनिल पांडेय भी भाजपा छोड़ चुके हैं। वहीं नगर पालिका के पार्षद अमित छाबड़ा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
लगातार हो रहे इस्तीफों से डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक संकट गहराता नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह असंतोष जल्द नहीं थमा, तो आने वाले समय में डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।