बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर सहित प्रदेश में ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।
10 किलोमीटर क्लस्टर की विशेष व्यवस्था की मांग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के कई गांव घने जंगलों, पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केवल 500 मीटर की परिधि में आने वाली बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है। इस व्यवस्था के कारण अनेक छोटे और दूरस्थ गांव सड़क सुविधा से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि अरुणाचल प्रदेश की तरह बस्तर में भी 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि अधिक से अधिक गांवों तक सड़क संपर्क पहुंच सके और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिले।
केंद्र ने दिया सकारात्मक संकेत
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बस्तर जैसे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क नेटवर्क का विस्तार केवल आवागमन की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा सेवाओं की पहुंच भी मजबूत करेगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।