30 जुलाई को हुए मतदान के बाद हुई मतगणना में BJP ने शुरुआत से ही निर्णायक बढ़त बनाए रखी। अंतिम परिणाम में सतीश पटेल को 55,481 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को 24,851 वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ BJP ने मांजलपुर सीट पर अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा।
जीत के बाद क्या बोले सतीश पटेल?
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में सतीश पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय मांजलपुर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरी तरह जनता के विश्वास और BJP कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जनता ने दिवंगत विधायक योगेश पटेल पर भरोसा जताया था, उसी तरह उन्हें भी भरपूर समर्थन और आशीर्वाद मिला है।
हार के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी ने चुनाव परिणाम स्वीकार करते हुए जनता के फैसले का सम्मान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के अंतिम चरण में भय का माहौल बनाया गया, जिससे चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रहा। हालांकि उन्होंने समर्थकों और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी जनता के मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
क्यों हुआ था उपचुनाव?
मांजलपुर विधानसभा सीट BJP के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के लंबे समय तक बीमारी के बाद निधन के कारण रिक्त हुई थी। इसी वजह से निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव कराया।
गौरतलब है कि वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई मांजलपुर विधानसभा सीट BJP का मजबूत गढ़ रही है। दिवंगत योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर इस सीट को BJP के सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल किया था। अब सतीश पटेल की जीत ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।