मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने कहा कि अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीतते हुए प्रदेश के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि ग्लासगो रवाना होने से पहले उन्होंने ज्ञानेश्वरी से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं और रजत पदक जीतने के बाद वीडियो कॉल के माध्यम से भी बधाई दी थी।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा हर संभव सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि ज्ञानेश्वरी यादव भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व मंच पर रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें अवसर देना और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना राज्य सरकार की खेल नीति की प्राथमिकता है।