नदी-पहाड़ और जंगलों के बीच गूंजा ‘बोल बम’
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई चुनौतीपूर्ण रास्तों से गुजरना पड़ा। कहीं नदी का रास्ता आया तो कहीं पहाड़ी और पथरीले मार्गों ने मुश्किलें बढ़ाईं। घने जंगलों और वनांचल की शांत वादियों के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ श्रद्धालु लगातार आगे बढ़ते रहे।
‘यह केवल पदयात्रा नहीं, संकल्प की यात्रा’
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प, साधना और जनकल्याण से जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के उद्गम स्थल से भोरमदेव धाम तक का यह सफर प्रकृति, संस्कृति और सनातन आस्था से जोड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना
भावना बोहरा ने बताया कि सावन के इस पवित्र अवसर पर भगवान भोलेनाथ और मां नर्मदा से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और प्रत्येक परिवार के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के साथ मिल रहा जनस्नेह और ‘बोल बम’ का जयघोष यात्रा को नई ऊर्जा दे रहा है।
भोरमदेव में जलाभिषेक के साथ पूरा होगा संकल्प
यात्रा पूरी होने के बाद भोरमदेव धाम में मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। भावना बोहरा ने विश्वास जताया कि मां नर्मदा और भगवान महादेव के आशीर्वाद से यह 151 किलोमीटर की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी होगी और छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास एवं सुख-समृद्धि का संकल्प लिया जाएगा।