लाल किले से लगातार 13वीं बार ध्वजारोहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद 1721 फील्ड बैटरी की सेरेमोनियल यूनिट ने 21 तोपों की सलामी दी। इस दौरान भारतीय वायुसेना के दो MI-17 हेलीकॉप्टरों ने आसमान से पुष्पवर्षा की।
सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली। इस दौरान स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया।
पहली बार लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम’
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होना है। इस अवसर पर लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया।
लाल किले के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम’ की आकृति भी बनाई गई। इसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत करीब 2,500 लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लिया।
‘विकसित भारत@2047’ और युवा शक्ति पर जोर
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई दे रही है।
देशभर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर राज्यों और गांवों तक तिरंगे के रंग में देशभक्ति का उत्साह नजर आ रहा है।