नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, आत्मनिर्भरता, समुद्री संसाधन, नक्सलवाद, AI, युवाओं और खेल समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का विजन सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हर घर और हर मन में तिरंगे की भावना है। उन्होंने लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ की गूंज को भी ऐतिहासिक अवसर बताया।

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1. 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा संकल्प 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है। उन्होंने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता की सामूहिक शक्ति इस लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने राज्यों और स्थानीय निकायों से विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने का आह्वान किया।

2. ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा पर बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य सामने रखा। पीएम ने बताया कि देश में पांच नए परमाणु रिएक्टरों पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि AI और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा भारत की रणनीतिक जरूरत है।

3. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा देश

पीएम मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में हाल की बाढ़, भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने असम, केरल, उत्तराखंड और नागालैंड समेत प्रभावित राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

4. आत्मनिर्भरता को बताया जरूरी

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल, डीजल, उर्वरक, दवाइयों और तकनीक जैसे जरूरी संसाधनों की आपूर्ति को लेकर वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ना देश के लिए बेहद जरूरी है।

पीएम ने दावा किया कि जिन विकास परियोजनाओं को पूरा करने में पहले कई दशक लग जाते थे, उन्हें अब कम समय में पूरा करने की दिशा में काम किया गया है।

5. ‘समुद्र मंथन’ से समुद्री संसाधनों की खोज

प्रधानमंत्री ने समुद्री क्षेत्र में संसाधनों की खोज और अन्वेषण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्र के भीतर मौजूद संसाधनों की संभावनाओं को तलाशना जरूरी है।

पीएम ने ‘समुद्र मंथन’ पहल का उल्लेख करते हुए समुद्री अन्वेषण को गति देने के लिए 85 हजार करोड़ रुपये के फंड का जिक्र किया।

6. वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों का दबदबा

पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने भारतीय कंपनियों को दुनिया की शीर्ष कंपनियों में जगह बनाने का लक्ष्य दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फॉर्च्यून-500 कंपनियों की सूची में ज्यादा भारतीय कंपनियां हों, वैश्विक बैंकिंग और फार्मा सेक्टर में भारतीय संस्थानों की मजबूत मौजूदगी हो और भारत की कंपनियां दुनिया में अपनी पहचान बनाएं।

7. नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर

नक्सलवाद और माओवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि इस समस्या ने दशकों तक देश के कई हिस्सों को प्रभावित किया। उन्होंने सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है। साथ ही उन्होंने वैचारिक स्तर पर उग्रवाद को लेकर भी चिंता जताई और इसे पहचानने की जरूरत बताई।

8. ‘शक्ति की सप्तधारा’ और गुणवत्ता पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को पुर्जों के निर्माण से लेकर डिजाइन और उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।

उन्होंने वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए ‘जीरो डिफेक्ट’ और यूजर-फ्रेंडली उत्पादों पर जोर दिया।

9. एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने को लेकर प्रधानमंत्री ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।

10. ओलंपिक 2036 और देशव्यापी टैलेंट हंट

खेलों को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में तैयारी कर रहा है। उन्होंने उन खेलों में भी भारत की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, जिनमें देश की मौजूदगी अभी सीमित है।

युवा खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की बात कही गई।

विकसित भारत के संकल्प पर जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विकास, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, युवाओं और खेल को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत बताया। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक प्रयासों के जरिए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान किया।
Published By- | 15-Aug-2026 11:35:00 am