‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए नए शौचालय बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के लिए सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। इस अभियान के जरिए ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
6,524 गांवों में बनेंगे मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
बस्तर में शांति और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए योजनाओं और सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बस्तर संभाग के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। वहीं, लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है।
किसानों के लिए धान खरीदी और फसल विविधीकरण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार पर बड़ा जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाने की योजना है। इससे करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
24.50 लाख आवास स्वीकृत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। उनके मुताबिक अब तक प्रदेश में 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के जरिए 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। वहीं, 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार और भर्ती की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम’ योजना शुरू करने की भी जानकारी दी गई। इसके तहत NEET, JEE, CLAT, रेलवे, SSC, बैंकिंग, PSC और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने की बात कही गई है।
इसके अलावा चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय बताया गया।
500 करोड़ रुपये का AI मिशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके अलावा स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाने की जानकारी भी दी गई।
निवेश से रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से करीब 1.74 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
नवा रायपुर में गारमेंट इकाई, मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट और प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
ऊर्जा और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि एनर्जी समिट के दौरान 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क जैसी परियोजनाओं को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना बताई गई। वहीं, सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही गई।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण और लोककला के क्षेत्र में ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने का भी उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास के साथ प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है।
विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेते हुए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम कर रही है।