DEO के सामने रोने लगीं छात्राएं
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने कन्या परिसर की छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं। छात्राओं का कहना है कि पहले से ही छात्रावास में व्यवस्थाओं की कमी है और अब एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों को भी यहां रखने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं।
छात्राओं को रोता देखकर मौके पर मौजूद पालक भी नाराज हो गए। इस दौरान पालकों और अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। पालकों ने बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था प्रभावित होने पर चिंता जताई।
पालकों ने दी TC कटवाने की चेतावनी
पालकों का आरोप है कि बेसुली एजुकेशन हब के कन्या परिसर में पहले से पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त विद्यार्थियों को यहां शिफ्ट करने से बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
पालकों ने कहा कि यदि एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो वे अपने बच्चों का टीसी कटवाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने इस मामले को लेकर रायपुर पहुंचकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की भी बात कही है।
अधूरा भवन बना अस्थायी शिफ्टिंग की वजह
दरअसल, गढ़िया स्थित एकलव्य विद्यालय के नए भवन का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी वजह से बच्चों की पढ़ाई और छात्रावास की व्यवस्था अस्थायी तौर पर बेसुली एजुकेशन हब में की गई है। लेकिन यहां पहले से मौजूद कन्या परिसर की छात्राओं और उनके पालकों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था के नाम पर उनकी पढ़ाई और रहने की सुविधाओं से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मामला बढ़ने के बाद बीईओ, डीईओ और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं और पालकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझने की कोशिश की।
सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी: DEO
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि पालकों की चिंता यह है कि उनके बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और पूरे मामले की वस्तुस्थिति से बस्तर कलेक्टर को अवगत कराया जाएगा।
150 से 200 छात्राएं प्रभावित
बताया जा रहा है कि बेसुली कन्या परिसर में करीब 150 से 200 छात्राएं इस विवाद से प्रभावित हैं। छात्रावास की व्यवस्था और शिफ्टिंग को लेकर छात्राओं में चिंता बनी हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन के फैसले पर है कि एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था करने के साथ-साथ कन्या परिसर की छात्राओं की सुविधाओं को कैसे बरकरार रखा जाता है।