सुबह 9:33 बजे सेंसेक्स 51.65 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 77,486.07 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 करीब 12.65 अंक यानी 0.05 फीसदी की कमजोरी के साथ 24,219.20 अंक पर बना हुआ था।
7 दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को मिली थी राहत
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी में करीब 0.6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और सेंसेक्स-निफ्टी ने लगातार सात कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया था।
निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला था। हालांकि, शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में बाजार एक बार फिर दबाव में नजर आया।
वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का दिखा असर
अमेरिकी शेयर बाजार में पिछली रात आई कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण एशियाई बाजारों के साथ भारतीय इक्विटी बाजार में भी निवेशकों की सतर्कता देखने को मिली।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।
आईटी शेयरों में बिकवाली
शुक्रवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर अतिरिक्त दबाव बना। फिलहाल वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और घरेलू आर्थिक संकेतक शेयर बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और बाजार की आगे की चाल पर बनी हुई है।