बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्र परीक्षा रद्द करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की।
15 सूत्री मांगों पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मंगलवार को प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर के पास पहुंचे और आगे बढ़ने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति
छात्रों के बढ़ते विरोध के बीच बिहार सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों और कथित अनियमितताओं पर विचार के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।
सरकार का कहना है कि समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उपायों पर विचार करेगी, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और अनियमितताओं को रोका जा सके।
स्टूडेंट सपोर्ट कैंप और पोर्टल की शुरुआत
इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए ‘स्टूडेंट सपोर्ट कैंप’ शुरू करने की जानकारी दी है। इसके तहत हर महीने के चौथे मंगलवार को शैक्षणिक संस्थानों में कैंप आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, छात्र ‘स्टूडेंट सपोर्ट पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उसकी स्थिति की जानकारी भी ले सकेंगे।
फिलहाल, 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। पटना में हुए प्रदर्शन और पुलिस के साथ झड़प के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।