महेंद्र भारद्वाज ने अपने पत्र में कहा है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था बेहद आवश्यक है। इसके लिए बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ स्कूलों में स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर छात्र हितों और बच्चों के सम्मान की रक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
कई स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का दावा
पत्र में दावा किया गया है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में शौचालय उपलब्ध नहीं हैं या उपलब्ध होने के बावजूद वे उपयोग योग्य स्थिति में नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से छात्राओं के लिए उचित एवं उपयोग योग्य शौचालय की सुविधा का अभाव असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
इसी तरह स्कूलों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी चिंता जताई गई है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं शिक्षा व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा हैं।
सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
महेंद्र भारद्वाज ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग के तहत 10 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी स्कूलों का सर्वे कराने और ऐसे स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की गई है, जहां उपयोग योग्य शौचालय तथा फिल्टर युक्त स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
दूसरी मांग में प्रत्येक सरकारी स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पानी और बिजली की सुविधा के साथ उपयोग योग्य व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा फिल्टर युक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।
तीसरी मांग में सरकार से यह संकल्प लेने का आग्रह किया गया है कि एक वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा से वंचित न रहे।
‘बच्चों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य’ से जुड़ा मुद्दा
महेंद्र भारद्वाज का कहना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर उठाई गई यह मांग केवल स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है।
उन्होंने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द बजट जारी करने और सरकारी स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने इसे छात्रहित और देशहित में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम बताया है।

