वहीं दूसरी ओर चाकूबाजी के एक फरार आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर रील बनाकर पुलिस को चुनौती देने का मामला भी सामने आया है। आरोपी की रील वायरल होने के बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
100 रुपये में गांजा बिकने का दावा
तेलीबांधा थाना क्षेत्र के श्याम नगर देवार पारा से सामने आए वीडियो में कथित तौर पर गांजा खरीदने पहुंचे लोगों को कुछ नागरिक समझाइश देते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इलाके में छोटी-छोटी मात्रा में करीब 100 रुपये में गांजा बेचा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में नशे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और इलाके में निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नागरिकों ने पकड़े गांजा खरीदने वाले!
वीडियो को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस के बजाय आम नागरिकों ने गांजा खरीदने पहुंचे लोगों को पकड़कर समझाइश दी। राजधानी को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान के बीच इस तरह का वीडियो सामने आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर कथित तौर पर गांजा बेचने वालों तक कब पहुंचती है और इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
चाकूबाजी आरोपी ने बनाई रील
इधर रायपुर में अपराधियों के बेखौफ होने का एक और मामला सामने आया है। 31 अगस्त को हुई चाकूबाजी की घटना के बाद फरार आरोपी अभय रक्सेल ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट की।
रील में आरोपी ने 'कमिंग सून जेल' और 'अभय पागल' जैसे शब्द लिखे थे। फरारी के दौरान आरोपी का सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना और रील बनाना पुलिस के लिए भी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
रील वायरल होते ही किया सरेंडर
सोशल मीडिया पर आरोपी की रील वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी अभय रक्सेल ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। आरोपी 31 अगस्त को हुई चाकूबाजी की घटना के बाद से फरार चल रहा था।
नशे और अपराध पर पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल
राजधानी में एक तरफ कथित तौर पर खुलेआम गांजा बिक्री का वीडियो सामने आना और दूसरी तरफ फरार चाकूबाजी आरोपी का सोशल मीडिया पर रील बनाकर सक्रिय रहना, दोनों घटनाओं ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर क्या कार्रवाई करती है और शहर में लगातार सामने आ रहे अपराधों पर किस तरह नियंत्रण स्थापित करती है।