शेर-ए-कश्मीर पार्क में किया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर कैजुअल/डेली वेजर्स फोरम (JKCDF) के नेतृत्व में कर्मचारियों ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कैजुअल और दिहाड़ी कर्मचारियों की नियमितीकरण समेत लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
फोरम का दावा है कि PHE विभाग में 61 हजार से अधिक कैजुअल और दिहाड़ी कर्मचारी नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
21 सितंबर से आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन का नेतृत्व J&K कैजुअल/डेली वेजर्स फोरम के अध्यक्ष सज्जाद अहमद पर्रे ने किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
फोरम ने चेतावनी दी है कि अगर 21 सितंबर, यानी विधानसभा के ऑटम सेशन के पहले दिन तक उनकी मांगों पर कोई समाधान नहीं निकला, तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज कर सकते हैं और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में पानी की सप्लाई रोकने का फैसला ले सकते हैं।
'हमें ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर न करें'
सज्जाद अहमद पर्रे ने सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारी लोगों की सेवा करते हैं और वे नहीं चाहते कि पानी की आपूर्ति रोकने जैसा कदम उठाना पड़े। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
फोरम का कहना है कि वह आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगें उठाता रहेगा। अब इस मामले में सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है।