जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर CJP ने एक बार फिर अभियान शुरू किया है। संगठन ने सरकार का ध्यान जर्जर स्कूल भवनों और खराब व्यवस्थाओं की ओर आकर्षित करने के लिए गांधीवादी तरीके से ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का ऐलान किया है।

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि संगठन आने वाले दिनों में ऐसे सरकारी स्कूलों और कॉलेजों का निरीक्षण करेगा, जहां भवन और अन्य व्यवस्थाएं खराब स्थिति में हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित परिसरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सरकार से स्कूलों की स्थिति सुधारने की अपील की जाएगी।

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‘आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान’ की शुरुआत

CJP ने गुरुवार को ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान’ की भी शुरुआत की। इस अभियान के तहत राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

आशुतोष रांका के मुताबिक, राजस्थान सरकार ने अगले तीन वर्षों में जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए रोडमैप जारी किया है। उन्होंने कहा कि CJP इस रोडमैप के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी और स्कूलों की व्यवस्थाओं में किसी तरह की चूक को लेकर आवाज उठाएगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जर्जर सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए जल्द कदम उठाएगी।

रामपुरा स्कूल मामला रहा था चर्चा में

इससे पहले जयपुर के चौमू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर मामला सुर्खियों में आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान CJP टीम पर कथित तौर पर हमला हुआ था।

मामले में स्कूल की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जर्जर स्कूल भवन को हटाकर नया भवन बनाने के निर्देश दिए थे।

CJP की ओर से इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री का आभार भी जताया गया था। अब संगठन ने राज्य के अन्य जर्जर स्कूलों की स्थिति सामने लाने और उनके सुधार की मांग को लेकर ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान शुरू करने की बात कही है।
Published By- | 18-Sep-2026 12:30:00 pm