15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नया नियम
संशोधित नियम 12(1A) के तहत नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता स्पष्ट की गई है। उदाहरण के लिए, अगर किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में जारी होता है, तो वह 5 साल के लिए नहीं, बल्कि बच्चे के 18 साल का होने तक ही वैध रहेगा।
वहीं, कम उम्र में जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता अधिकतम 5 साल हो सकती है, लेकिन यह बच्चे के 18वें जन्मदिन के बाद जारी नहीं रहेगी।
कब से लागू हुआ नया नियम?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, संशोधित नियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू हो गए हैं। इसके साथ ही Passport Rules, 1980 में भी बदलाव किया गया है।
15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से जुड़े नियम 8 में भी संशोधन किया गया है। अलग-अलग सेवाओं के लिए शुल्क अब संशोधित Schedule IV के अनुसार निर्धारित होगा।
पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा
पासपोर्ट की वैधता से जुड़े बदलाव के साथ पासपोर्ट सेवाओं की फीस में भी बढ़ोतरी हुई है। नई फीस का असर नए पासपोर्ट, री-इश्यू, तत्काल सेवा, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) समेत कई सेवाओं पर पड़ा है।
वयस्कों के सामान्य पासपोर्ट की फीस:
36 पन्नों वाला पासपोर्ट: ₹2,500
60 पन्नों वाला पासपोर्ट: ₹3,500
तत्काल पासपोर्ट की फीस भी बढ़ी
तत्काल सेवा के तहत फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
36 पन्नों वाला पासपोर्ट: ₹5,000
60 पन्नों वाला पासपोर्ट: ₹6,000
60 पन्नों वाले पासपोर्ट का तत्काल रिप्लेसमेंट: ₹8,500
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को 10% छूट
8 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 फीसदी की छूट जारी रहेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट री-इश्यू के मामलों में लागू नहीं होगी।
नए नियमों के बाद अभिभावकों को बच्चों का पासपोर्ट बनवाने या दोबारा जारी कराने से पहले संबंधित श्रेणी की मौजूदा फीस और वैधता नियम जरूर जांच लेने चाहिए।