मेले में उद्योग, निवेश, रोजगार, MSME और तकनीकी नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता दी गई है। विभिन्न कंपनियों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया है। वहीं, स्टार्टअप्स को अपने बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने और युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया गया है। मेले में 300 से अधिक MSME इकाइयों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन के तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्रियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य उद्योगों को केवल नियमों के दायरे में रखने के बजाय उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करना है।
AI, IT और ग्रीन एनर्जी पर रहेगा फोकस
CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ AI, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नवा रायपुर को टेक्नोलॉजी और IT हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उद्योगों को जल्द काम शुरू करने में सुविधा देने के लिए Plug and Play सुविधाओं का विस्तार और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 के जरिए निवेश, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। सरकार का प्रयास इन प्रस्तावों को वास्तविक उद्योगों में बदलने का है। उन्होंने लघु उद्योगों के क्षेत्र में हुए काम का उल्लेख करते हुए उद्योगों की स्थापना और करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की बात कही।
वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और प्रयासों से छत्तीसगढ़ उद्योगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।