पेट्रोल पंप पर स्कैन होगी नंबर प्लेट
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाने की योजना है। वाहन के पंप पर पहुंचते ही कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा। इसके बाद सिस्टम वाहन के इंश्योरेंस की वैधता की जांच करेगा।
अगर वाहन का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस वैध नहीं पाया जाता है, तो सिस्टम फ्यूल डिस्पेंसिंग को रोक सकता है।
दिल्ली से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को केंद्र सरकार को दिल्ली से इस व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद IRDAI दिल्ली समेत कुछ प्रमुख शहरों में ट्रायल शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 146 के तहत वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य बिना वैध बीमा सड़कों पर चलने वाले वाहनों की पहचान करना और नियमों के पालन को बढ़ाना है।
नई गाड़ियों के इंश्योरेंस नियमों में भी बदलाव
नई गाड़ियों के अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि को लेकर भी बदलाव की जानकारी दी गई है।
नई कार: 4 साल का अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस
नई बाइक/स्कूटी: 6 साल का अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस
सड़क हादसे के पीड़ितों को मिल सकती है राहत
बिना बीमा वाले वाहन से दुर्घटना होने पर पीड़ितों को मुआवजे के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक वाहनों को वैध थर्ड-पार्टी बीमा के दायरे में लाना है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में बीमा से जुड़ी सहायता उपलब्ध हो सके।
हालांकि, ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ व्यवस्था अभी देशभर में लागू नहीं हुई है। इसके पायलट और अंतिम कार्यान्वयन से जुड़े आधिकारिक दिशा-निर्देशों के आधार पर इसकी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।