घटना के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मंगलवार देर रात जहांगीराबाद थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का प्रदर्शन करीब रात 3 बजे तक चलता रहा। बुधवार सुबह जिला अदालत में भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
गणेश विसर्जन के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, बैरागढ़ कलां निवासी 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल मंगलवार शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर मार्ग से गुजर रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते रास्ता बंद था। इसी दौरान उनकी ट्रैफिक एसीपी और पुलिस बल से बहस हो गई।
अधिवक्ता का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन जहांगीराबाद थाने ले गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात बताई, जिसके बाद कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें कीचड़ में भी गिराया गया।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
घटना के बाद अधिवक्ता की ओर से एक वीडियो सामने आया, जिसमें उनके कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
मामले की जानकारी मिलने पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
जिला अदालत में भी प्रदर्शन
जहांगीराबाद थाने के बाहर देर रात तक चले विरोध के बाद बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की और पैरवी से दूरी बनाए रखी।
मामले में अब थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।