रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण बस्तर संभाग समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है और कुछ क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। धमतरी में गंगरेल बांध के 14 में से 10 गेट खोल दिए गए हैं, जबकि बालोद जिले में भारी बारिश को देखते हुए 25 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

जगदलपुर में जलभराव, कई मार्ग प्रभावित

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जगदलपुर में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। कई सड़कें जलमग्न होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

भारी बारिश के कारण जगदलपुर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से जोड़ने वाले मार्गों पर भी असर पड़ा है। डिमरापाल के पास नेशनल हाईवे पर पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में SDRF की टीम तैनात की गई है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इंद्रावती नदी का बढ़ा जलस्तर

भारी बारिश के बीच ओडिशा स्थित खाटीगुडा डैम के गेट खोले जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डैम से करीब 5 लाख घन मीटर पानी छोड़ा गया है। इसके बाद नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

गंगरेल बांध के 10 गेट खुले

धमतरी जिले में लगातार बारिश के चलते जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंगरेल बांध करीब 98 प्रतिशत से अधिक भरने के बाद 14 में से 10 गेट खोले गए हैं।

रुद्री बैराज से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़े जाने की जानकारी है। वहीं मुरुमसिल्ली बांध 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि दुधावा और सोंढुर बांधों में भी जलभराव 90 प्रतिशत से अधिक बताया गया है।

महानदी के तटीय गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। हटकुल नदी के उफान पर आने से आसपास के कई गांवों में आवागमन प्रभावित हुआ है। दूध नदी के बढ़े जलस्तर के कारण आमाबेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने की जानकारी है।

कांकेर में नदी-नाले उफान पर

कांकेर जिले में भी लगातार बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। दूध नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते आमाबेड़ा-धनोरा और कांकेर-आमाबेड़ा मार्ग पर आवागमन बंद किया गया है।

पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और लोगों से उफनते नदी-नालों को पार करने का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।

बालोद में स्कूल बंद

भारी बारिश और छात्रहित को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। 25 सितंबर को होने वाली परीक्षाएं अब 28 सितंबर को पूर्व निर्धारित समय पर आयोजित की जाएंगी।

लगातार बारिश के कारण बालोद शहर में भी जलनिकासी प्रभावित हुई है। कई नालियां जाम होने से पानी निकासी में परेशानी आ रही है और छोटे नाले भी उफान पर हैं।

दुर्ग में अंडरब्रिज में भरा पानी

दुर्ग में लगातार बारिश के कारण सुपेला और दक्षिण गंगोत्री के दोनों अंडरब्रिज में पानी भर गया है। इससे इन मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। यह क्षेत्र BSP समेत आसपास के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है।

लगातार बारिश के कारण बस्तर से लेकर मैदानी इलाकों तक कई नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है तथा लोगों से जलभराव और तेज बहाव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
Published By- | 25-Sep-2026 12:23:00 pm