रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया।



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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचार के माध्यम से राष्ट्र के विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण केंद्र में रहा।

अंत्योदय को बताया जनकल्याण का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनका मानना था कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।



उन्होंने कहा कि अंत्योदय का विचार गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

'अंत्योदय दिवस' के रूप में मनाई जाती है जयंती

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को 'अंत्योदय दिवस' के रूप में मनाया जाना उनके विचारों और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के संकल्प को दर्शाता है।



उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।



उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
Published By- | 26-Sep-2026 01:08:00 pm