सुपोषित थाली के जरिए पोषण का संदेश
कार्यक्रमों में गर्भवती महिलाओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित कर संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी गई।
सुपोषित थाली के माध्यम से माताओं और परिवारों को बताया गया कि रोजाना के भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने से महिलाओं और बच्चों के पोषण को बेहतर किया जा सकता है।
माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर संवाद
आंगन मिलन सेवा के दौरान बच्चों के अभिभावकों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान मातृ स्वास्थ्य और बच्चों के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और परिवार के स्तर पर बेहतर पोषण को लेकर जानकारी ली।
योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थी महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। महिलाओं ने बताया कि योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता से उन्हें अपने और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से समुदाय को जोड़ने की पहल
‘आंगन मिलन सेवा’ के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवारों और स्थानीय समुदाय से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बच्चों के पोषण और मातृ स्वास्थ्य को केवल सरकारी व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए इसे परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाना है।