रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोटमीकला की रहने वाली पार्वती और उनके परिवार के लिए पक्का घर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। लंबे समय तक कच्चे मिट्टी के मकान में रहने वाले परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास मिला। इसके बाद परिवार को मौसम की मार और कच्चे मकान से जुड़ी परेशानियों से राहत मिली है।

बारिश में बनी रहती थी घर की चिंता

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पार्वती का परिवार पहले मिट्टी के कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दौरान दीवारों और घर के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती थी। पानी से घरेलू सामान को बचाना भी परिवार के लिए चुनौती था। इसके अलावा बंदरों के कारण भी घर और सामान को नुकसान पहुंचता था।



ऐसे में परिवार लंबे समय से एक सुरक्षित और मजबूत घर की उम्मीद कर रहा था।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से पूरा हुआ सपना

पार्वती के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ। आवास का निर्माण पूरा होने के बाद परिवार को रहने के लिए सुरक्षित और मजबूत छत मिली।



अब बारिश के मौसम में परिवार को घर की दीवारों और छत की चिंता नहीं रहती। घरेलू सामान को भी सुरक्षित रखने की सुविधा मिली है।

पक्का घर मिलने से बढ़ा भरोसा

पार्वती के लिए नया घर सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की शुरुआत है। पक्का आवास मिलने से परिवार के जीवन में सुविधा के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है।



पार्वती ने पक्का घर मिलने पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि नए घर से परिवार को सुरक्षा, सुकून और सम्मान के साथ रहने का अवसर मिला है।

योजनाओं का लाभ बना बदलाव का आधार

पार्वती के परिवार की कहानी बताती है कि सरकारी आवास योजना का लाभ मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में किस तरह बदलाव आ सकता है। कच्चे मकान की परेशानियों से निकलकर परिवार अब अपने पक्के घर में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। उनके लिए यह आवास सुरक्षा, सुविधा और बेहतर भविष्य की नई नींव बन गया है।
Published By- | 27-Sep-2026 12:02:00 pm