पहचान-पत्र की जांच की मांग
VHP और बजरंग दल की ओर से मांग की गई है कि नवरात्रि के दौरान जिले में होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में प्रवेश से पहले पहचान-पत्र की जांच की जाए। संगठनों ने आयोजन स्थलों पर प्रवेश व्यवस्था को लेकर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया
ज्ञापन में संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम युवक सोशल मीडिया आर्टिस्ट के रूप में ऐसे आयोजनों में प्रवेश करते हैं और हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। संगठन ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए कार्यक्रमों में पहचान की जांच की मांग की है। यह आरोप संगठन की ओर से लगाया गया है।
राम बारात और रामलीला को लेकर भी मांग
ज्ञापन में राम बारात की शोभायात्रा में निकलने वाली झांकियों और देवी-देवताओं के नृत्य को बंद करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा रामलीला आयोजनों में अश्लील गानों पर नृत्य होने की स्थिति में उसे रोकने की मांग की गई है।
कार्यक्रमों पर निगरानी की बात
VHP ने कहा है कि उसके कार्यकर्ता गरबा और डांडिया समेत अन्य आयोजनों पर नजर रखेंगे। संगठन ने प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय की बात भी कही है।
फर्रुखाबाद में सामने आई यह मांग नवरात्रि आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों की निगरानी को लेकर है। इससे पहले भी अलग-अलग राज्यों में VHP और बजरंग दल की ओर से गरबा आयोजकों से पहचान-पत्र जांच और प्रवेश व्यवस्था को लेकर ऐसी मांगें सामने आती रही हैं।