मामला पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से जुड़ा है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, जुलाई 2026 में जांच के तहत TMC के कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया गया था।
करीब 804 करोड़ रुपये की राशि का मामला
मामले में TMC की ओर से चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी। इन खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की राशि होने का दावा किया गया है। पार्टी का कहना है कि खातों को फ्रीज करने से जुड़ी कार्रवाई में प्रक्रियागत खामियां थीं।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इससे पहले खातों को पूरी तरह संचालित करने की अनुमति देने से इनकार किया था। हालांकि, अदालत ने पार्टी को रोजमर्रा के खर्चों के लिए सीमित व्यवस्था के तहत भुगतान करने की अनुमति दी थी।
चुनाव चिह्न और फंड के अधिकार का मुद्दा भी विचाराधीन
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पार्टी के चुनाव चिह्न से संबंधित विवाद और बैंक खातों में मौजूद धनराशि पर अधिकार से जुड़े सवाल अभी न्यायिक विचार के दायरे में हैं। इसी वजह से शीर्ष अदालत ने इस चरण में मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करने से परहेज किया।
हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई का आग्रह
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने का आग्रह किया है। फिलहाल TMC के चार बैंक खातों पर लगी रोक के मामले में पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है।
मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी शामिल है। एजेंसी की ओर से पार्टी फंड से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच किए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।