30 दुकानों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दशहरा मैदान में लगी पटाखा दुकानों में बड़ी मात्रा में आतिशबाजी का सामान रखा गया है। ऐसे में आग लगने की स्थिति में हालात गंभीर हो सकते हैं। दुकानों के बीच पर्याप्त फासला नहीं होने से आग तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, मौके पर फायर ब्रिगेड की तैनाती और जरूरी अग्निशमन संसाधनों की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
नगरपालिका को 15 लाख रुपये राजस्व मिलने का अनुमान
पटाखा बाजार से नगरपालिका को अच्छी-खासी कमाई होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, एक दुकान की नीलामी में बोली 50 हजार रुपये से अधिक तक पहुंची है। इस हिसाब से करीब 30 दुकानों से नगरपालिका को लगभग 15 लाख रुपये या इससे अधिक राजस्व मिलने का अनुमान है।
हालांकि, लाखों रुपये के राजस्व के बीच दुकानदारों और बाजार में खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाजार में कारोबार की व्यवस्था के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
खुले बिजली तार और दुकानों की कम दूरी बढ़ा रही चिंता
पटाखा बाजार में बिजली के खुले तारों की मौजूदगी भी खतरे का कारण बन सकती है। आतिशबाजी जैसे ज्वलनशील सामान के बीच बिजली संबंधी लापरवाही किसी बड़ी घटना को न्योता दे सकती है। ऐसे में बाजार में अग्निशमन उपकरण, पानी की उपलब्धता और दुकानों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करना जरूरी है।
दूसरे इलाकों के पटाखा बाजारों की व्यवस्था पर भी सवाल
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल सिर्फ बलौदाबाजार शहर तक सीमित नहीं हैं। जिले के अन्य नगरीय निकायों और कस्बों में लगाए गए पटाखा बाजारों में भी सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है। अग्निशमन विभाग और प्रशासन को सभी बाजारों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि त्योहार के दौरान पटाखा कारोबार के साथ आम नागरिकों और दुकानदारों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।