छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर आंसू गैस, लाठीचार्ज, वॉटर कैनन, पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग के आरोपों पर सरकार जवाब दे। उन्होंने कहा कि देश के छात्र, अभिभावक और शिक्षक जानना चाहते हैं कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश क्यों की गई।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पिछले एक दशक में कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 में बना कानून भी प्रभावी साबित नहीं हुआ और अब उसी में संशोधन लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के बड़े आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, जबकि छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है।
प्रधानमंत्री को दी सलाह
प्रियंका गांधी ने कहा कि केवल नई समितियां बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने की सलाह देते हुए कहा कि युवाओं का भरोसा केवल प्रचार से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों से जीता जा सकता है।
शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके बयान पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई और टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने तथा प्रियंका गांधी से माफी की मांग की।
'सबसे बड़ी चोरी युवाओं के भविष्य की'
अपने संबोधन के अंत में प्रियंका गांधी ने कहा कि सबसे बड़ी क्षति तब होती है जब युवाओं के भविष्य और उनके सपनों पर संकट आता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई आगे भी लड़ता रहेगा।
वहीं, बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने तंज कसते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के भाषण की नकल की है। इस टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।