मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर अब पूरे प्रदेश में सरकारी अवकाश रहेगा। साथ ही इस दिन मदिरा की बिक्री भी बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देते हैं, इसलिए उनकी स्मृति को स्थायी रूप से सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार विशेष कदम उठा रही है।
सीएम साय ने यह भी ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण में अब संत रविदास के नाम पर एक सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नाम भी संत रविदास के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के प्रेरणादायी संदेश को छत्तीसगढ़ विधानसभा में अंकित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रमों का यह सिलसिला फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत रविदास समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में संत रविदास के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया।