धार्मिक कार्यक्रम के तहत भगवान महाऔघड़ेश्वर ज्योतिर्लिंग का अघोराभिषेक, श्रृंगार पूजन, हवन-अग्निहोत्र और भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। इस दौरान भगवान शिव की विशेष आराधना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की जाएगी।
आयोजन के अगले दिन 6 अगस्त, गुरुवार को प्रातःकालीन पूजा-अर्चना, भोग अर्पण तथा श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण का आयोजन रखा गया है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल होने और पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
विश्व का 13वां ज्योतिर्लिंग माने जाने वाला धाम
महाऔघड़ेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम को छत्तीसगढ़ महाकौशल क्षेत्र का एकमात्र तथा विश्व का 13वां ज्योतिर्लिंग माना जाता है। श्रावण मास में यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और शिव आराधना का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। कालाष्टमी के अवसर पर होने वाला यह आयोजन शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।