राज्य में लगेगा BEML का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
कैबिनेट ने भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी। यह छत्तीसगढ़ का इस क्षेत्र में पहला बड़ा उद्योग होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और एमएसएमई सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
PWD में लागू होगा डिजिटल WAMIS सिस्टम
लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के पहले चरण को मंजूरी मिल गई है। इसके लागू होने से निर्माण कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
ग्रामीण सड़कों के निर्माण में मिलेगी तेजी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी रोड और नाली निर्माण की अनुमति दी है। साथ ही सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
ADB की 15 करोड़ रुपये की ग्रांट को मंजूरी
कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की 'अंजोर LIGHT' तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के पूर्ण अनुदान को स्वीकार करने का फैसला किया। यह परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक चलेगी। इसके तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, पीपीपी मॉडल, ग्रीन फाइनेंस और सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। इस परियोजना में राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
राज्य योजनाओं में लागू होगा S-SNA मॉडल
बैठक में राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट से सीधे हितग्राहियों और वेंडरों तक पहुंचेगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और नकदी प्रबंधन बेहतर होगा।
CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है। इससे कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी और राज्य की बिजली अवसंरचना के विकास को गति मिलेगी।