ऐप की RAM पर नजर रखेगा सिस्टम
Android 17 में ऑपरेटिंग सिस्टम यह तय कर सकेगा कि कोई ऐप कितनी मेमोरी इस्तेमाल कर सकता है। अगर कोई ऐप जरूरत से ज्यादा RAM लेने लगेगा, तो सिस्टम उसके मेमोरी इस्तेमाल को सीमित कर सकेगा।
जरूरत पड़ने पर Android ऐप के डेटा को कंप्रेस करके कम RAM में चलाने की कोशिश भी करेगा। हालांकि, इस वजह से कुछ ऐप्स की परफॉर्मेंस थोड़ी प्रभावित हो सकती है। अगर कोई ऐप लगातार जरूरत से ज्यादा मेमोरी इस्तेमाल करता है, तो सिस्टम उसे बंद भी कर सकता है।
3GB और 4GB RAM वाले फोन को ज्यादा फायदा
इस फीचर का सबसे ज्यादा फायदा कम RAM वाले स्मार्टफोन्स को मिलने की उम्मीद है। 3GB या 4GB RAM वाले फोन में एक साथ कई ऐप चलाने या भारी ऐप इस्तेमाल करने पर मेमोरी जल्दी खत्म हो जाती है। इससे फोन स्लो होने, ऐप्स के दोबारा लोड होने और हैंग होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
Android 17 में किसी एक ऐप को जरूरत से ज्यादा RAM इस्तेमाल करने से रोकने पर बाकी सिस्टम के लिए भी पर्याप्त मेमोरी उपलब्ध रह सकती है।
गेमिंग और प्रोफेशनल ऐप्स के लिए चुनौती
हालांकि, इस नए सिस्टम का असर उन ऐप्स पर पड़ सकता है जिन्हें वास्तव में ज्यादा RAM की जरूरत होती है। गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और कुछ प्रोफेशनल ऐप्स ज्यादा मेमोरी का इस्तेमाल करते हैं।
अगर डेवलपर्स ने अपने ऐप्स को Android 17 के नए मेमोरी मैनेजमेंट सिस्टम के हिसाब से ऑप्टिमाइज नहीं किया, तो ऐसे ऐप्स धीमे हो सकते हैं या ज्यादा मेमोरी की जरूरत पड़ने पर सिस्टम उन्हें बंद कर सकता है।
Pixel के बाद दूसरे Android फोन तक पहुंचेगा फीचर
Google ने इस तरह के मेमोरी कंट्रोल की शुरुआत Pixel स्मार्टफोन्स से की थी। अब Android 17 के जरिए इसे दूसरे Android डिवाइसेज तक पहुंचाने की तैयारी है।
यह फीचर अलग-अलग RAM क्षमता वाले स्मार्टफोन्स में काम कर सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी एक ऐप को जरूरत से ज्यादा मेमोरी देने के बजाय पूरे फोन की RAM को संतुलित तरीके से मैनेज करना है।
कुल मिलाकर, Android 17 का यह बदलाव खास तौर पर कम RAM वाले स्मार्टफोन्स के लिए उपयोगी साबित हो सकता है और फोन