घटना 26 जुलाई 2026 की है। सीतापुर के हाईस्कूल के पास कांशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरुणदेव सोनी स्कूटी से जेवरों से भरा बैग लेकर दुकान पहुंचे थे। वे स्कूटी से बैग निकालने और दुकान खोलने की तैयारी कर रहे थे, तभी आरोपी बैग उठाकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बताए गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने जांच के दौरान 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के भागने का रूट सरगुजा से जशपुर, झारखंड और ओडिशा तक ट्रेस किया गया।
जांच के दौरान ओडिशा के गंजाम निवासी चंटी दास और दास नागेश्वर को संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया। चंटी दास के घर से पुलिस ने 300.92 ग्राम सोने के आभूषण और 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए। बरामद जेवरों की कुल कीमत करीब 46 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। मामले में बीएनएस की अन्य धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ ओडिशा में पहले से चोरी, लूट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले दर्ज हैं।
फिलहाल मामले के अन्य आरोपी फरार हैं। सरगुजा पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।