बताया गया कि मया राम साकत के घर के पूजा स्थल में महामाया देवी की तस्वीर, शिवलिंग और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसी स्थान पर नाग दिखाई दिया। नाग को मंदिर के भीतर देखकर आसपास के लोगों में जिज्ञासा बढ़ गई और ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।
पूजा-अर्चना के लिए जुटे ग्रामीण
नाग के दिखाई देने की खबर फैलने के बाद कई ग्रामीणों ने इसे आस्था से जोड़कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। मौके पर फूल, फल और नारियल चढ़ाए गए। धूप-दीप जलाकर लोगों ने दर्शन किए। कुछ ग्रामीण नाग के शिवलिंग के पास दिखाई देने को भगवान शिव से जोड़कर देख रहे थे।
आस्था के बीच सुरक्षा जरूरी
हालांकि, ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों की सलाह है कि सांप को छेड़ने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम की मदद लेनी चाहिए। सांप को दूध पिलाने या भीड़ लगाकर उसके करीब जाने से भी बचना चाहिए।
फिलहाल घर के पूजा स्थल में नाग के दिखाई देने की यह घटना पूरे राम्हेपुर कलां गांव और आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।