श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित किए। महिलाओं ने व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
सिद्धेश्वर धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पलारी के प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के अंतिम सोमवार पर विशेष उत्साह देखने को मिला। सातवीं-आठवीं शताब्दी के इस ऐतिहासिक मंदिर में सुबह से ही दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए।
कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
सावन के अंतिम सोमवार पर जिले के विभिन्न शिवालयों में कांवड़ यात्राएं भी पहुंचीं। भगवा वस्त्रों में कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक श्रद्धालु शिवभक्ति में लीन नजर आए।
जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण
धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से जिलेभर में जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया। सेवा और भक्ति का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहने की बात कही गई।
सावन के अंतिम सोमवार पर पूरा बलौदाबाजार जिला आस्था, भक्ति और सेवा के रंग में रंगा नजर आया।