चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है। प्रदेश की क्षारीय यानी खारी जमीन को खेती के लिए बेहतर बनाने के उद्देश्य से किसानों को जिप्सम पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश की करीब 10 लाख एकड़ खारी जमीन को सुधारकर दोबारा खेती के लिए अधिक उपजाऊ बनाना है।

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25 हजार टन जिप्सम खरीदेगी सरकार

योजना के तहत सरकार करीब 15.63 करोड़ रुपये खर्च कर 25 हजार टन जिप्सम खरीदेगी। इसकी खरीद हरियाणा भूमि सुधार निगम के माध्यम से की जाएगी।

पात्र किसानों को जिप्सम की कीमत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। हालांकि, हर किसान को जिप्सम की समान मात्रा नहीं दी जाएगी। खेत की मिट्टी जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरत के मुताबिक इसकी मात्रा तय होगी।

एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर जमीन के लिए इस योजना का लाभ उठा सकेगा।

खारी जमीन में क्यों जरूरी है जिप्सम?

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खारी जमीन में मिट्टी की संरचना और पोषक तत्वों की उपलब्धता प्रभावित होती है। इससे फसल की वृद्धि और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

जिप्सम ऐसी जमीन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। हालांकि, खेत में जिप्सम की मात्रा मिट्टी की जांच के आधार पर ही तय करना जरूरी है। बिना जांच के जरूरत से ज्यादा जिप्सम डालने से लागत बढ़ सकती है और अपेक्षित लाभ नहीं मिल सकता।

किसानों को कैसे मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करानी होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिप्सम की आवश्यक मात्रा तय की जाएगी।

इसके बाद किसान कृषि विभाग के निर्धारित प्रार्थना पत्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। योजना से जुड़ी जानकारी के लिए किसान अपने जिले के संयुक्त निदेशक कृषि, सहायक निदेशक कृषि या नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।

सरकारी केंद्रों से आधी कीमत पर मिलेगा जिप्सम

सरकार द्वारा खरीदा गया जिप्सम जिलों के सरकारी गोदामों और अधिकृत वितरण केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद पात्र किसान निर्धारित केंद्रों से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ जिप्सम प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि विभाग के विशेषज्ञ किसानों को जिप्सम के सही इस्तेमाल और खेत में इसकी मात्रा के बारे में जानकारी भी देंगे, ताकि खारी जमीन को सुधारने में योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
Published By- | 24-Aug-2026 01:54:00 pm