डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने 24 अगस्त को इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया।
सर्चिंग के दौरान जंगल में छिपाकर रखे गए डम्प का पता चला। तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
23 हथियारों का जखीरा मिला
बरामद हथियारों में 1 एसएलआर रायफल, 1 .315 बोर रायफल, 1 .410 मस्केट, 6 बीजीएल लॉन्चर, 1 सिंगल शॉट रायफल, 1 .315 बोर देशी कट्टा, 5 नग 12 बोर रायफल और 7 भरमार बंदूक शामिल हैं।
इसके अलावा एसएलआर और .303 की मैगजीन सहित बीजीएल से जुड़ी कई सामग्रियां भी बरामद की गई हैं।
492 जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक
सुरक्षा बलों को डम्प से अलग-अलग हथियारों के कुल 492 जिंदा राउंड मिले हैं। इनमें एके-47, एसएलआर, इंसास, .303, .315 और 12 बोर के कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही 66 बीजीएल कारतूस और बड़ी संख्या में खाली खोखे भी बरामद किए गए हैं।
वहीं, मौके से 240 जिलेटिन स्टिक, करीब 18 किलो गन पाउडर, 40 टाइगर बम पटाखे, 6 एक्सीलेटर प्लग और 5 देशी हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बीजीएल सेल और अन्य सामग्री मिली है।
वर्दी और अन्य सामान भी बरामद
डम्प से हथियार और विस्फोटक के अलावा नक्सली उपयोग की अन्य सामग्री भी मिली है। इनमें 7 जोड़ी काली वर्दी, कमर पाउच, काले और हरे कमर बेल्ट, व्हिसिल गार्ड, मंकी कैप, पिट्टू बैग, ड्रम, सोलर प्लेट, दवाइयां और दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है।
31 मार्च के बाद बड़ी बरामदगी
सुकमा पुलिस के अनुसार, 31 मार्च 2026 के बाद जिले में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ हथियार, जिंदा कारतूस और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इसे नक्सलियों के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
सुरक्षा बलों द्वारा लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियार और सामग्री के डम्प की तलाश तेज कर दी गई है।
सुकमा पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।