लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए अगले छह महीने में एक लाख सरकारी नियुक्तियां देने की घोषणा की।
पारदर्शी तरीके से होगी भर्ती
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि जब योग्य उम्मीदवारों का निष्पक्ष तरीके से चयन होता है, तो इसका सीधा लाभ प्रदेश को मिलता है।
9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 9 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने में सफलता मिली है। उन्होंने दावा किया कि इन नियुक्तियों में पारदर्शिता बरती गई और किसी भी नियुक्ति पर सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता।
पिछली सरकार पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई मामलों में नियुक्तियां विवादों में फंस जाती थीं।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले छह महीनों में घोषित 1 लाख सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया किन विभागों में और किस चरण में पूरी होगी।