मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘साइंस ऑन व्हील्स’ विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोग के जरिए समझने का अवसर देगा। इससे बच्चों में सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित होगी।
चार प्रमुख मॉड्यूल से जुड़ेंगे विद्यार्थी
‘साइंस ऑन व्हील्स’ के माध्यम से विद्यार्थियों को मुख्य रूप से चार विषयों से जोड़ा जाएगा। इनमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन शामिल हैं।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए बच्चों को ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दी जाएगी। रोबोटिक्स मॉड्यूल से उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य के तकनीकी कौशल से परिचित कराया जाएगा। वहीं सतत विकास के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की समझ विकसित की जाएगी।
जल निस्पंदन मॉड्यूल में विद्यार्थियों को स्वच्छ जल, जल संरक्षण और पानी को साफ करने से जुड़े वैज्ञानिक तरीकों को प्रयोगों के जरिए समझाया जाएगा।
सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस पहल का विशेष लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों और प्रयोगशालाओं तक पहुंच सीमित है। वैज्ञानिक मॉडल और प्रयोग स्कूलों तक पहुंचने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी व्यावहारिक तरीके से विज्ञान सीखने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक आज जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ना उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
केवल एक कार्यक्रम नहीं, निरंतर सीखने पर जोर
‘साइंस ऑन व्हील्स’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल एक बार प्रयोग दिखाना नहीं है। इसके जरिए बच्चों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति स्थायी रुचि विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या-समाधान, रचनात्मकता और नए विचारों पर काम करने की क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा।
तीन राज्यों में संचालित हो रही पहल
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ परियोजना छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ में इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा से जोड़ने के साथ नई तकनीक और नवाचार के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।