पुलिस के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी ममता बनर्जी के ममेरे भाई निखिल मुखर्जी की बेटी थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
रामपुरहाट पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि बृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
फिलहाल पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
नौकरी जाने के बाद तनाव में होने की बात
परिवार के करीबी लोगों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। बताया जा रहा है कि वह उन कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नौकरी राज्य के चर्चित शिक्षक भर्ती मामले में अदालती आदेश के बाद चली गई थी।
बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थीं।
शिक्षक भर्ती मामले में चली गई थी नौकरी
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भर्ती से जुड़े मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी संख्या में नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इस फैसले को बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा।
इसके बाद करीब 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द हो गई थीं।
बताया गया है कि नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों की सूची में बृष्टि मुखर्जी का नाम भी शामिल था। सूची में उनका नाम 608वें क्रम पर बताया गया है।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले बृष्टि की स्थिति कैसी थी और उनकी मौत से जुड़े अन्य परिस्थितिजन्य पहलू क्या थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।