अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्रवाई ईरानी नौसेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों के खिलाफ की गई। हालांकि, हमले के दौरान नागरिक इलाके में नुकसान होने के ईरानी दावे ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की सटीकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शादी समारोह के दौरान गिरा बम?
ईरानी पक्ष के मुताबिक, सिरिक द्वीप के आसपास हुए हमले में एक ऐसे घर को नुकसान पहुंचा जहां विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा था। ईरान ने दावा किया कि हमले में कई लोग हताहत हुए। हालांकि, इन दावों और मृतकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
हमले के बाद सामने आए वीडियो को लेकर भी चर्चा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस हथियार से हमला हुआ वह गाइडेड म्युनिशन हो सकता है। ऐसे हथियारों को किसी निर्धारित लक्ष्य पर सटीक प्रहार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से सवाल उठ रहा है कि यदि लक्ष्य सैन्य प्रतिष्ठान था, तो बम रिहायशी इमारत तक कैसे पहुंचा।
सैन्य कम्युनिकेशन टावर के पास था घर
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस इलाके में हमला हुआ वहां ईरानी नौसेना से जुड़ा एक कम्युनिकेशन टावर मौजूद था। अमेरिकी हमले में यह सैन्य ढांचा भी क्षतिग्रस्त हुआ। दावा है कि इसी सैन्य ठिकाने से करीब 150 मीटर की दूरी पर स्थित घर पर भी एक बम गिरा।
अगर यह दूरी और घटना का विवरण सही साबित होता है, तो सवाल उठता है कि क्या लक्ष्य निर्धारित करने या हथियार के इस्तेमाल में कोई तकनीकी या मानवीय चूक हुई।
जेडी वेंस ने जांच की बात कही
घटना को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से जांच की बात कही गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन भी घटना से जुड़े तथ्यों की समीक्षा कर रहा है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयानों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी है। ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया क्षमताओं का उल्लेख करते हुए ईरानी नेतृत्व पर निगरानी की बात कही है।
अफगानिस्तान में भी उठे थे सवाल
अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान नागरिक इलाकों में गलत निशाना लगने की घटनाएं पहले भी विवादों में रही हैं। रिपोर्ट में अफगानिस्तान में 2002 और 2008 के ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें शादी समारोहों के दौरान अमेरिकी हवाई हमलों में नागरिकों के मारे जाने के आरोप लगे थे।
इन घटनाओं ने युद्ध के दौरान लक्ष्य पहचानने, खुफिया जानकारी की विश्वसनीयता और हवाई हमलों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
क्या अमेरिका के हथियारों की सटीकता पर सवाल?
अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे उन्नत सैन्य और तकनीकी क्षमताओं में गिनी जाती है। उसके पास सैटेलाइट, ड्रोन, खुफिया निगरानी और सटीक निर्देशित हथियारों की बड़ी क्षमता है। इसके बावजूद किसी सैन्य लक्ष्य के आसपास नागरिक क्षेत्र में हमला होने की घटना सामने आती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि गलती खुफिया जानकारी, लक्ष्य की पहचान, हथियार के चयन या हमले की प्रक्रिया में कहां हुई।
हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। ईरानी दावों, सामने आए वीडियो और अमेरिकी पक्ष की जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि रिहायशी घर तक हमला किस वजह से पहुंचा।