केंद्र सरकार ने सड़क विकास के प्रस्तावों पर दिखाई सहमति
बस्तर में सड़क और पुलों का नेटवर्क मजबूत करने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से विशेष सहयोग मांगा था। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्त हुए दुर्गम गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए विशेष छूट देने का आग्रह किया था।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र के माध्यम से राज्य सरकार को सड़क परियोजनाओं की प्रगति और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है।
1,168 बसाहटों को जोड़ने की दिशा में चल रही तैयारी
बस्तर संभाग की कुल 1,168 बसाहटों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए अलग-अलग चरणों में काम किया जा रहा है। इनमें से 485 बसाहटों के लिए सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के दूसरे बैच में 280 बसाहटों को जोड़ने के लिए 263 सड़क निर्माण प्रस्ताव मिले हैं। इनकी कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर और अनुमानित लागत 804.06 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा करीब 474 अन्य चिन्हित बसाहटों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
सात जिलों में सड़क निर्माण की योजना
दूसरे बैच के तहत बस्तर संभाग के सभी सात जिलों की बसाहटों को सड़क सुविधा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित बसाहटों का जिलेवार विवरण इस प्रकार है:
बस्तर – 114 बसाहटें
बीजापुर – 125 बसाहटें
दंतेवाड़ा – 63 बसाहटें
कांकेर – 140 बसाहटें
कोंडागांव – 31 बसाहटें
नारायणपुर – 136 बसाहटें
सुकमा – 146 बसाहटें
इन क्षेत्रों में सर्वेक्षण के साथ गति शक्ति योजना के तहत भी जरूरी प्रक्रियाएं की जा रही हैं।
373 पुलों के प्रस्तावों पर भी आगे बढ़ी प्रक्रिया
सड़क संपर्क के साथ बस्तर में पुल निर्माण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार के स्तर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के पहले बैच के अंतर्गत 206 पुलों और पीएम-जनमन योजना के तहत 167 पुलों के प्रस्तावों पर विचार के लिए अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हो चुकी है।
इसके अलावा बस्तर संभाग में 55 लंबे पुलों के निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। नारायणपुर जिले में पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत 22 लंबे पुल बनाने की योजना है। इनकी अनुमानित लागत 87.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलों के निर्माण से बारिश के मौसम में नदी-नालों के कारण मुख्य मार्गों से कट जाने वाले गांवों को राहत मिलेगी।
100 से कम आबादी वाले गांवों के लिए विशेष छूट की मांग
बस्तर के कई गांव घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसे हैं। इनमें अनेक बसाहटों की आबादी 100 से भी कम है। मौजूदा जनसंख्या संबंधी नियमों के कारण ऐसे गांव कई बार सड़क निर्माण की पात्रता में शामिल नहीं हो पाते।
इसी समस्या को देखते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र से विशेष छूट देने का अनुरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित छोटी-छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क निर्माण की मंजूरी दी जाए।
इस संबंध में ग्राम सड़क सर्वेक्षण (GSS) ऐप के माध्यम से चार महीने का सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर पात्र गांवों और विशेष छूट के प्रस्तावों पर आगे विचार किया जाएगा।
सड़क पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर आ रहे बस्तर के गांवों में अब विकास कार्यों को तेजी से पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़कें बनने से ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से बस्तर के दूरस्थ इलाकों में विकास की गति तेज होगी और लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित गांव भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।